रात को बॉयफ्रेंड मेरे घर में

आज रात जवान थी, मन में कुछ हलचले उठ रही थी, कि वो कब आयेगा ? मेरा वक़्त नहीं गुज़र रहा था. आज घर में जो मैं अकेली थी! अपने बॉयफ्रेंड से मिलने और उसे प्यार करने के लिए मेरा मन तड़प रहा था. वक़्त काटे नहीं कट रहा था! हमदोनो ने आज रात मेरे घर पर ८ बजे मिलने का प्लान बनाया था! जैसे जैसे घडी ने ७:५५ दिखाए मेरा दिल जोर जोर से धडकने लगा. मैं आज सब कुछ अपने बॉयफ्रेंड को दे देना चाहती थी. मुझे पता था कि वो मुझसे बहुत प्यार करता है!

 ८ बजते ही मैं दरवाजे के पास पहुची, वहाँ कोई नहीं था! मैंने उसे फ़ोन किया, लेकिंग उसका फ़ोन सीमा से बाहर था. मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था! अब ऐसे लगने लगा जैसे मेरे सारे सपनो पर पानी फिर गया हो. मन का वो जोश, अरमान सब ठन्डे पड गए. दिन से ले कर रात तक जो सपने मैं बुन रही थी, अब लगने लगा जैसे वो अब पूरे नहीं होंगे. रात के करीब ८:३० हो गए थे, और मेरे बॉयफ्रेंड जिसका नाम अमित था, उसका कोई पता नहीं था. अब लगने लगा जैसे उसे मुझसे कोई प्यार नहीं है.

 मैं अभी ये सब सोच ही रही थी, कि दरवाजे की घंटी बजी, मैंने दरवाजा खोला तो देखा, सामने मेरा बॉयफ्रेंड अमित खड़ा है! मैंने उसे अंदर बुलाया और उससे लिपट कर रोने लगी! मैंने कहा तुम्हे मेरी कोई फिक्र नहीं है! तुम मुझसे प्यार नहीं करते. बस इतना कहना था कि अमित ने मुझे अपने सीने से लगा लिया और मेरे माथे को चूमा! अमित का हाथ लगते ही मेरे पूरे शरीर में एक बिजली कौंध गयी. और मैं अपने आप को रोक नहीं सकी! और अमित को कसके से पकड़ लिया और उसके होठो पर अपने होठ रख दिए.

 बस यही वो वक़्त था, जिसका हमदोनों  को इंतज़ार था. उसने अपने हाथ मेरी टीशर्ट के अन्दर हाथ डाल दिए. मेरे अंदर एक गर्मी सी आ गयी. धीरे धीरे उसने मेरे स्तनों पर अपने हाथ रख दिए और उसने दबाने लगा, मेरी उत्तेजना और बढ़ गयी. मैं अंदर से गीली हो गयी थी और अमित की गर्मी को महसूस कर रही थी! अब रुका नहीं जा रहा था, और उसने मेरी जीन्स उतार दी....

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